show episodes
 
Hans, India's most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc. This is in collaboration with Jashn-e-Qalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage. Hansvaani is simply the best of Hindi literature.
 
Loading …
show series
 
लेखक: रजनी मोरवाल | आवाज़: राजेश कुमार कहानी दो कैंसर रोगियों के बीच उपजे प्रेम की है जो जीवन की व्याधि के बीच डायलिसिस डेट्स को अपने प्रेम की डेट्स बना लेते हैं और आधे अधूरे शरीरों के साथ बाकी बचे जीवन में खुशियां तलाशते हैं । इस अनूठी प्रेम कहानी के बारे में जानने के लिए सुनें रजनी मोरवाल की कहानी ' ग्रे शेड्स' प्रेमचंद द्वारा शुरू की गयी ‘हंस’ पत…
 
लेखक: अशोक कुमार | आवाज़: के.सी. शंकर, शाश्विता शर्मा, ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी प्रेमचंद द्वारा शुरू की गयी ‘हंस’ पत्रिका भारत की सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली प्रगतिशील मासिक पत्रिका है। अब हंस ऑडियो की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुंबई के रंगमंच समूह 'जश्न-ए-क़लम' के कलाकार और मंच दे रहें हैं 'आई. वी. एम.…
 
लेखक: रजनी मोरवाल | आवाज़: राजेश कुमार कहानी दो कैंसर रोगियों के बीच उपजे प्रेम की है जो जीवन की व्याधि के बीच डायलिसिस डेट्स को अपने प्रेम की डेट्स बना लेते हैं और आधे अधूरे शरीरों के साथ बाकी बचे जीवन में खुशियां तलाशते हैं । इस अनूठी प्रेम कहानी के बारे में जानने के लिए सुनें रजनी मोरवाल की कहानी ' ग्रे शेड्स' प्रेमचंद द्वारा शुरू की गयी ‘हंस’ पत…
 
लेखक: लुईस ग्लूक | अनुवाद - झरना मालवीय | आवाज़: शाश्विता शर्मा प्रेमचंद द्वारा शुरू की गयी ‘हंस’ पत्रिका भारत की सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली प्रगतिशील मासिक पत्रिका है। अब हंस ऑडियो की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुंबई के रंगमंच समूह 'जश्न-ए-क़लम' के कलाकार और मंच दे रहें हैं 'आई. वी. एम. पॉडकास्टस'।…
 
लेखक: मधु कांकरिया | आवाज़: शाश्विता शर्मा नायिका का सहपाठी जो उसका सबसे भरोसेमंद दोस्त है,उसको प्रेम पत्र लिखता है। नायिका की उलझन है कि वह इस अनचाहे प्रेम पत्र का जवाब कैसे दे ?वह न उसे प्रेमी की तरह स्वीकार कर पाती है और न ही दोस्ती को दांव पर लगाना चाहती है। प्रेमचंद द्वारा शुरू की गयी ‘हंस’ पत्रिका भारत की सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली प्रगतिशील मासि…
 
लेखक: किरण अग्रवाल | आवाज़: शाश्विता शर्मा प्रेमचंद द्वारा शुरू की गयी ‘हंस’ पत्रिका भारत की सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली प्रगतिशील मासिक पत्रिका है। अब हंस ऑडियो की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुंबई के रंगमंच समूह 'जश्न-ए-क़लम' के कलाकार और मंच दे रहें हैं 'आई. वी. एम. पॉडकास्टस'। Writer: Kiran Agarwa…
 
लेखक: हम्मिरुद्दीन मिद्दा | अनुवाद: अमृता बेरा | आवाज़: ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी प्राकृतिक नियम के अनुसार इंसान की उम्र बढ़ती है, एकदिन उसकी सारी कार्यक्षमताओं का ह्रास होता है। जो माता-पिता हमें पाल-पोस कर बड़ा करते हैं, उनकी उम्र बढ़ने पर क्या हम उनका यह कर्ज कभी उतार पाते हैं? प्रेमचंद द्वारा शुरू की गयी ‘हंस’ पत्रिका भारत की सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली प्र…
 
लेखक: संजीव प्रभाकर | आवाज़: राजेश कुमार प्रेमचंद द्वारा शुरू की गयी ‘हंस’ पत्रिका भारत की सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली प्रगतिशील मासिक पत्रिका है। अब हंस ऑडियो की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुंबई के रंगमंच समूह 'जश्न-ए-क़लम' के कलाकार और मंच दे रहें हैं 'आई. वी. एम. पॉडकास्टस'। Writer: Sanjeev Prabha…
 
Loading …

Quick Reference Guide

Copyright 2022 | Sitemap | Privacy Policy | Terms of Service
Google login Twitter login Classic login